Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full Updated

सूरजकुंड सोहामणों, कावड यक्ष अभिराम;पांडव पांचे ज्यां गया, तेहने करूँ प्रणाम।जे नर ए गिरि चढे, निर्मल मन करी जोय;ते नर शिव सुख पामशे, फेर न भव-भव होय।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं अर्हंत बिम्बाय नमः। palitana 5 chaityavandan in hindi full

यह चैत्यवंदन भगवान आदिनाथ के प्रथम गणधर (मुख्य शिष्य) पुंडरीक स्वामी को समर्पित है, जिन्हें शत्रुंजय पर्वत पर ही मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। कावड यक्ष अभिराम

पंचिंदिय मिच्छा दुक्कडं, मण-वय-कायं मिच्छा दुक्कडं, अहोरत्तं संठियं मिच्छा दुक्कडं, दिवसंचरियं मिच्छा दुक्कडं, सामाइयं पडिक्कमामि। पांडव पांचे ज्यां गया

: Climbing the ~3,500 steps is a symbolic journey toward enlightenment.

4. आदिनाथ भगवान (Adinath Bhagwan) - चौथी चैत्यवंदन

पाँचवाँ चैत्यवंदन यात्रा के अंतिम चरण में किया जाता है। इस चैत्यवंदन में सभी पाँचों चैत्यवंदनों का सार समाहित होता है और भक्त अपनी यात्रा को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।